अभी अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। दोनों देशों के प्रतिनिधि 6 फरवरी को तुर्की में परमाणु
अभी अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। दोनों देशों के प्रतिनिधि 6 फरवरी को तुर्की में परमाणु वार्ता करने वाले हैं, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो सैन्य कार्रवाई संभव है। ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने कहा है कि अमेरिकी हमला हुआ तो यह पूरे क्षेत्रीय युद्ध में बदल जाएगा।
मुख्य घटनाएँ
वार्ता की तारीख: 6 फरवरी 2026 को तुर्की में अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता तय हुई है।
अमेरिकी दबाव: राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है और बड़े युद्धपोतों व अतिरिक्त लड़ाकू विमानों को खाड़ी क्षेत्र में भेजा है।
ईरानी प्रतिक्रिया: ईरान ने कहा है कि वह "न्यायपूर्ण और निष्पक्ष" वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन किसी भी अमेरिकी हमले का जवाब तुरंत और निर्णायक होगा।
क्षेत्रीय हस्तक्षेप: मिस्र, क़तर, तुर्की और ओमान जैसे देशों ने मध्यस्थता की कोशिश की है।

नेताओं के बयान
डोनाल्ड ट्रंप: "ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन अगर नहीं हुआ तो बुरी चीजें होंगी।"
अली खामेनेई: "अगर अमेरिका हमला करता है तो यह केवल ईरान-अमेरिका संघर्ष नहीं रहेगा, बल्कि पूरे क्षेत्रीय युद्ध में बदल जाएगा।"
वर्तमान स्थिति
सैन्य गतिविधि: अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में नौसैनिक और वायुसेना की तैनाती बढ़ा दी है।
ईरान में अशांति: हाल ही में ईरान में हुए प्रदर्शनों पर हिंसक कार्रवाई के बाद तनाव और बढ़ गया है।
संभावित परिणाम: अगर वार्ता सफल रही तो तनाव कम हो सकता है, अन्यथा क्षेत्रीय संघर्ष की संभावना है।

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